Monday, October 15, 2018

पाकिस्तान के इतिहास की सबसे अंधेरी रात

"मैं पांच अक्तूबर को कराची पहुंचा और सीधा जनरल इसकंदर मिर्ज़ा से मिलने गया. वो लॉन में बैठे हुए थे. तल्ख़, फ़िक्रमंद और मायूस. मैंने पूछा- क्या आपने अच्छी तरह सोच-विचार कर लिया है?"
'हां.'
'क्या इसके सिवा कोई और चारा नहीं?'
'नहीं. इसके सिवा कोई और चारा नहीं.'मैंने सोचा कि कितनी बदक़िस्मती की बात है कि हालात ऐसे मोड़ तक पहुंच गए हैं कि ये सख़्त क़दम उठाना पड़ रहा है. लेकिन ये अपरिहार्य था. ये देश को बचाने की आख़िरी कोशिश थी.'
इस बातचीत के दो दिन बाद सात और आठ अक्तूबर की दरमियानी शाम पाकिस्तान के पहले राष्ट्रपति जनरल इसकंदर मिर्ज़ा ने संविधान को निलंबित कर दिया, असेंबली भंग कर दी और राजनीतिक पार्टियों को प्रतिबंधित करके पाकिस्तान के इतिहास का पहला मार्शल लॉ लगा दिया और उस वक़्त के सेना प्रमुख जनरल अयूब ख़ान को मार्शल लॉ एडमिनिस्ट्रेटर बना दिया.
चूंकि पहली-पहली कोशिश थी, इसलिए पहले मार्शल लॉ में 'मेरे प्यारे देशवासियों' वगैरा जैसा कोई भाषण रेडियो पर (टीवी तो ख़ैर अभी आया ही नहीं था) नहीं दिया गया.
बस टाइपराइटर पर लिखा गया और एक फ़ैसला रात के साढ़े दस बजे साइक्लोस्टाइल कर अख़बारों के दफ़्तरों और दूतावासों को भेज दिया गया.
अलबत्ता ये ज़रूर हुआ कि चंद फ़ौजी दस्ते एहतियात के तौर पर रेडियो पाकिस्तान और टेलीग्राफ़ की इमारत को घेरे में लेने के लिए भेज दिए गए ताकि सनद रहे और ज़रूरत पर काम आ सकें.
अधिकतर विश्लेषक मानते हैं कि वो 'अपरिहार्य' फ़ैसला था जिसने देश पर ऐसी काली रात थोप दी जिसके काले साये साठ साल बाद भी पूरी तरह से नहीं छंट सके हैं.सकंदर मिर्ज़ा के लिखे हुए फ़ैसले की साइक्लोस्टाइल कॉपियां आने वाली नस्लों में बार-बार बंटती रहीं, बस किरदार बदलते रहे, कहानी वही पुरानी रही.
मिसाल के तौर पर देखें कि उस रात बांटे जाने वाले फ़ैसले में लिखा था-
'मैं पिछले दो साल से गंभीर चिंता के हालात में देख रहा हूं कि देश में ताक़त की बेरहम रस्साकशी जारी है, भ्रष्टाचार और हमारी देशभक्त, सादी, मेहनती और ईमानदार जनता के शोषण का बाज़ार गरम है. रख-रखाव की कमी है और इस्लाम को सियासी मक़सद के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.'
'राजनीतिक पार्टियों की मानसिकता इस हद तक गिर चुकी है कि मुझे यक़ीन नहीं रहा कि चुनाव से मौजूदा आंतरिक अराजकता के हालात बेहतर होंगे और हम ऐसी स्थिर सरकार बना सकेंगे जो आज हमारे सामने मौजूद बेशुमार और पेचीदा मसलों को हल कर सकेगी. हमारे लिए चांद से नए लोग नहीं आएंगे.'
'यही लोग जिन्होंने पाकिस्तान को तबाही के मुहाने तक पहुंचा दिया ह,. अपने मक़सद हासिल करने के लिए चुनावों में धांधली से भी बाज़ नहीं आएंगे. ये लोग वापस आकर वही हथकंडे इस्तेमाल करेंगे जिन्हें इस्तेमाल करके इन्होंने लोकतंत्र का मज़ाक बनाकर रख दिया है.'
आपने देखा होगा कि बाद में आने वाले मार्शल लॉज़ में यही स्क्रिप्ट बदल-बदल कर इस्तेमाल होती रही.
इसकंदर मिर्ज़ा के मुताबिक लोकतंत्र मज़ाक़ बन कर रह गया है. लेकिन असल मज़ाक़ ये था कि जब ये मार्शल लॉ लगा, उसके तीन महीने बाद चुनाव तय थे. ऐसा लग रहा था कि उस वक़्त के प्रधानमंत्री मलिक फ़िरोज़ ख़ान का सत्ताधारी गठबंधन चुनाव जीत जाएगा और ये भी नज़र आ रहा था कि पार्टी के नेता शायद इसकंदर मिर्ज़ा को दोबारा देश का राष्ट्रपति न बनाएं.
तो राष्ट्रपति को भलाई इसी में दिखाई दी कि लोकतंत्र को ही रॉकेट में बिठा के अंतरिक्ष में रवाना कर दें.
बाहरी स्रोत भी इसका समर्थन करते हैं. मार्शल लॉ लगाए जाने से कुछ ही वक़्त पहले ब्रितानी हाई कमिश्नर सर एलेक्ज़ेंडर साइमन ने अपनी सरकार को जो ख़ुफ़िया जानकारी भेजी उस में दर्ज था कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने उन्हें बताया है कि अगर चुनाव के बाद सत्ता में आने वाली सरकार में नापसंदीदा लोग हुए तो वो इसका विरोध करेंगे.
सर एलेक्ज़ेंडर मिर्ज़ा ने इसी दस्तावेज़ में लिखा था कि नापसंदीदा लोगों का मतलब वो सांसद हैं जो इसकंदर मिर्ज़ा को दोबारा राष्ट्रपति बनाने के लिए वोट नहीं देंगे.
इसकंदर मिर्ज़ा को लोकतंत्र और संविधान का किस क़दर ख़याल था इसकी एक मिसाल उनके सेक्रेटरी क़ुदरतउल्ला शहाब की ज़बानी मिल जाती है.
शहाब अपनी आपबीती 'शहाबनामा' में लिखते हैं कि 22 सितंबर 1958 को पाकिस्तान के राष्ट्रपति इसकंदर मिर्ज़ा ने उन्हें बुलाया. उनके हाथ में पाकिस्तान के संविधान की एक कॉपी थी. उन्होंने उनसे किताब की ओर इशारा करते हुए कहा कि तुमने इस कचरे को पढ़ा है?
'जिस संविधान की शपथ लेकर वो पाकिस्तान के राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठे थे उसके लिए 'ट्रैश' शब्द का इस्तेमाल सुन कर मेरा मुंह खुला का खुला रह गया.'

Monday, October 8, 2018

挥之不去的核灾难阴影

随着新核能的经济效益越发薄弱,公众对于核安全的担忧无处不在。上周,日本前首相菅直人就这个问题发表了令人胆寒的演讲。2011年3月福岛核事故爆发时,时任日本首相正是菅直人。

菅直人在英国国会大厦发表演讲。面对国会议员和普通民众,他再次讲述了日本最大核电站之一的福岛核电站遭遇大地震和海啸袭击、冷却系统瘫痪之后,导致其反应堆融毁的一系列事故。

虽然电站工作人员以及核工程师十分英勇地开展了紧急抢救工作,但菅直人说多亏了“诸多幸运的巧合”,核反应堆才没有爆炸。对于人口稠密的日本而言,反应堆一旦爆炸,就需疏散包括大东京地区居民在内的约5000万人。

最糟糕的后果是,如果放射性物质发生爆炸,对周边广泛的区域造成致命性影响,就将成为有史以来最为严重的核电站事故。

去年,日本刚刚迎来广岛长崎核爆70周年纪念。对这样一个国家而言,核辐射就像幽灵一般深深印刻在国民的民族意识之中。

只有世界大战的影响才能与之比肩。”菅直人说。他认为如果福岛第一核电站的融毁现象没有得到控制,后续付出的经济代价之重,人口迁移规模之大,都是无法想象的。

虽然日本侥幸避免了最坏的结局,但最终的事故结果仍旧对日本财政、环境、居民健康和社会造成了非常重大的影响。菅直人和其他反核人士认为,对于计划大规模发展核能的中国而言,这些问题值得思量。

福岛核事故造成约20万居民流离失所,由于电站周围的区域仍有很高的放射性,大部分居民可能永远无法回到自己的家中。研究结果显示,在核电站周边很大范围内,白血病等与核辐射相关的致命疾病的发病率已经升高,首当其冲的受害者就是孩子。

未来几十年,福岛核事故的清理成本预计将在2500亿到5000亿美元之间,其中包括安装非常昂贵的核材料冷却系统。反应堆的放射性废水还在源源不断地流入海中,同时也污染着核废料存储地周围的土壤。

建设更加安全的核电站是欧洲核电建设大大超出预算、工程不断遭遇延期的主要原因之一。

法国、芬兰、以及中国台山核电站的建设采用了欧洲压水反应堆( )设计,这一技术中出现的问题已经引起社会对欣克利角C核电站以及其他采用此项技术的核电工程的进一步质疑。

目前,欣克利核电站的建设成本已经超出法国第一大能源公司法国电力公司的总市值,而负责工程部分的阿海珐集团的评级更是调降至垃圾级别。

中国(企业和官员)对EPR技术中存在的问题非常愤怒,”伦敦大学学院学者、核研究小组创始人保尔·多尔夫曼在菅直人发言的大会上说。

未来几个世纪中,建有大量核电站的英法等国可能将耗费数千亿美元处理和存储核废料,而这笔开销多数来源于国家的公共资金。

中国等计划发展核电的国家应该重新审视核电站建设、退役以及核废料存储所需的成本,考虑由此所得的发电量是否物有所值。

例如在中国,目前计划投建的核电站数量为50座,但截至2030年,即便其中大部分都能顺利落成,这些电站的发电量仍旧不到中国发电总量的10%。

一些能源专家说,现如今,可再生能源价格更加低廉,电网也在朝着局域化、智能化的方向转型,通过中央电网输送基载电力的需求遭到了越来越多的质疑。

可是,由于之前事故处理的不透明和管理不善,公众对核电行业的信任已经出现了不可挽回的动摇。因而对大众而言,对于安全问题的考量可能依旧高于经济因素。

事故本质上都是意外,”多尔夫曼说,他指出虽然福岛和切尔诺贝利核电站在设计过程中都考虑到了多种事故情况,但这两个电站的设计本身就存在很大的问题。

福岛核电站所在的沿海地区靠近全球最为活跃的地质断裂带,此前就断有警告称电站周围的海堤不足以保护电站不受特大地震及海啸的破坏,但核电站运营方东京电力公司并没有对此采取行动。

按菅直人所说,2011年地震发生之后的最初几个小时内,东京电力并没有向国家领导报告福岛核电站事故的准确信息,且直到事故发生数年之后,东京电力才公开承认受损电站辐射污水泄露的程度。

对核能持怀疑态度的人士想知道,如果正如科学家所警告的那样,海平面会由于气候变化而快速上升,那么下一代核反应堆选址海边是否安全。

对内陆核电站而言,在这样一个全球气温不断上升的时代,内陆河流的水量又是否足以支持反应堆的冷却系统呢?

很明显,在福岛核事故的影响下,核电工业的弱点暴露无遗,这也让各国重新审视自己新的核电发展计划。

“请从我们的错误中吸取教训,”福岛周边地区被疏散人员组织的一位负责人Yoshiko Aiko说,“不要让你错误的选择伤到孩子。”

Monday, September 10, 2018

आज की पांच बड़ी ख़बरें: भाजपा के मंत्री का राम मंदिर पर विवादित बयान

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के विधायक और योगी सरकार में सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने राम मंदिर पर टिप्पणी करते हुए एक नए विवाद को जन्म दिया है.
बहराइच में भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि न्यायपालिका, प्रशासन, देश के साथ-साथ राम मंदिर भी हमारा है.
उन्होंने कहा, "भाजपा विकास के मुद्दे के साथ सत्ता में आई थी और राम मंदिर के निर्माण को लेकर हम दृढ़ संकल्प हैं. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और सुप्रीम कोर्ट हमारा है. न्यायपालिका, प्रशासन और राष्ट्र और राम मंदिर सभी हमारे हैं."
यह पहली बार नहीं है जब किसी भाजपा नेता ने राम मंदिर को लेकर विवादित बयान दिया है.
इससे पहले यूपी के ही बलिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि मोदी और योगी के राज में अगर राम मंदिर नहीं बनेगा तो भविष्य में कभी भी बनने की परिस्थिति आने वाली नहीं है.
वहीं यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी यह कह चुके हैं कि अगर ज़रूरत पड़ी तो अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए केंद्र सरकार संसद का रास्ता अपनाएगी.रल के निर्दलीय विधायक पीसी जॉर्ज ने जालंधर के बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नन को वेश्या बताया है.
बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर एक नन ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.
इसी पर प्रतिक्रिया में विधायक जॉर्ज ने कहा, "इस बात में किसी को शक नहीं है कि वो नन वेश्या है. 12 बार उसने आनंद लिया और 13वीं बार बलात्कार हो गया? उसने पहली बार में शिकायत क्यों नहीं की थी?"
शुक्रवार को कुछ नन ने हाइकोर्ट में शिकायत करते हुए बिशप को गिरफ़्तार करने की मांग की है. बिशप के ख़िलाफ़ एसआईटी जांच कर रही है. इसी महीने आरोप लगाने वाली महिला ने कहा था कि उन्हें बिशप से अपनी जान का ख़तरा है.
पीसी जॉर्ज वो ही विधायक हैं जिन्होंने पलियेक्‍कारा टोल प्‍लाज़ा पर टोल मांगे जाने पर अपने साथियों के साथ मिलकर वहां लगे बैरियर को तोड़ दिया था. उनकी ये हरकत सीसीटीवी में कैद हो गई थी.
इराक के दक्षिण में स्थित शहर बसरा में कई दिनों से चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को बर्ख़ास्त कर दिया गया है.
प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने संसद में बताया कि सरकारी भवनों और ईरानी दूतावास पर हमला रोकने में असफलता के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
वहीं, बसरा में ईरानी दूतावास पर हुए हमले के बाद लगे कफ़्यू को भी हटा लिया गया है.
इन विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 13 प्रदर्शनकारियों की जान चली गई है.
बसरा में भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों की मांग को लेकर प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने कहा, "बसरा में सेवाओं को लेकर लोगों की मांगे बिल्कुल जायज़ हैं. वो सेवाओं और शहर या कहें कि पूरे इराक के नवनिर्माण की मांग कर रहे हैं. आज हमें राजनीति को सेवाओं और सुरक्षा से अलग रखना चाहिए. सबसे ख़तरनाक बात है, इस बहस में हथियारों का इस्तेमाल करना. हम इससे बचने की कोशिश कर रहे हैं."
जापान की 20 वर्षीय नाओमी ओसाका ने यूएस ओपन का ख़िताब जीत लिया है. फ़्लशिंग मीडोज़ पर ओसाका ने अमरीका की सेरेना विलियम्स को सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से मात देकर हराया.
ओसाका सेरेना विलियम्स को ही अपना आदर्श मानती हैं और यह दोनों के बीच दूसरा मुकाबला था. दोनों ही मुकाबले ओसाका ने जीते हैं.
ओसाका ग्रैंडस्लैम जीतने वाली जापान की पहली टेनिस खिलाड़ी बनी.
इसके साथ ही नाओमी ओसाका 9 साल में यूएस ओपन के फ़ाइनल में पहुंचने वाली सबसे युवा महिला टेनिस खिलाड़ी भी बनीं.
इससे पहले कैरोलिन वोज्नियाकी ने 2009 यूएस ओपन फ़ाइनल में जगह बनाई थी. तब उनकी उम्र 19 साल 64 दिन थी.
वैसे, सबसे कम उम्र में यूएस ओपन खेलने का रिकॉर्ड मारिया शारापोवा के नाम है. 2006 में महज 19 साल की उम्र में उन्होंने यह खिताब अपने नाम किया था.
ओवल के मैदान पर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारत पहली पारी में मात्र 174 रन पर छह विकेट गंवाकर संकट में पड़ता दिख रहा है. भारत अभी इंग्लैंड की पहली पारी में बनाए गए 332 के स्कोर से 158 रन पीछे है जबकि उसके चार विकेट शेष हैं. स्टंप्स के समय रवींद्र जडेजा (8) और अपना पहला टेस्ट खेल रहे हनुमा विहारी (25) रन बनाकर नाबाद लौटे.
इससे पहले, इंग्लैंड को 332 रन पर ऑलआउट करने के बाद अपनी पहली पारी में बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कोई भी बल्लेबाज़ अर्धशतक तक नहीं लगा सका.
शिखर धवन (3), अजिंक्य रहाणे (0) और ऋषभ पंत (5) जहां सस्ते में आउट हुए, वहीं लोकेश राहुल (37), चेतेश्वर पुजारा (37) कुछ देर विकेट पर टिके. जबकि कप्तान विराट कोहली (49) अपना अर्धशतक बनाने से चूक गए.
इंग्लैंड की पारी में भारत की ओर से रवींद्र जडेजा ने चार, जसप्रीत बुमराह और ईशांत शर्मा ने तीन तीन विकेट चटकाए.

Friday, September 7, 2018

大牧场主而非大豆种植农是亚马逊毁林的罪魁祸首

据路透社报道,一项针对巴西商品出口的研究认为,大牧场主比大豆种植农更能加剧亚马逊雨林的滥砍滥伐。在巴西,出口产品的环境记录一直受到国际社会的监督,其力度在不断加大。该国是世界最大的牛肉出口国和第二大大豆出口国,其出口产品多被中国购买。

绿色和平亚马逊协调人保罗·阿达里奥与另外一些环保组织以及大豆种植业人士合作完成了这项研究。他认为:“对亚马逊破坏的罪魁祸首是大规模放牧行为。”研究显示,自2006年7月以来,亚马逊区域毁林严重的630个样本中仅有12个,即占总面积157,896公顷的0.88%种植了大豆。近200个区域被挪用作牧场,而余下的则未被使用。

在伐木者、牧场主和种植农三者间,拥有大片土地的农民历来被指责为雨林毁坏的主要因素。由于国际市场对该国出口产品需求上升,巴西农地范围近年来不断扩张。来自美国和欧洲的农产品竞争者经常以毁林为名,批评巴西包括糖类和牛肉在内的产品出口。

阿达里奥称,近年来毁林区域单位面积日渐减少,这说明为达到高效而需要大片土地的大豆种植者不再直接参与大规模砍伐。在2008年出口额达到180亿美元的巴西大豆种植业,于2006年6月签署协议,不再出口来自毁林区域的产品。

巴西计划在12个月内,从7月份开始将去年11,900平方公里的毁林面积减少到大约9,500平方公里。
据路透社报道,一个法日集团计划在2011年初为中国供应电动车。日本尼桑汽车公司和法国雷诺公司说他们将向目前世界上最大的汽车市场—中国,提供一个为市场推广及建立电池充电网络的综合计划。

该项目将重点放于环境污染和能源安全等问题,中国政府于今年年初启动了一个试验项目,以促进新能源汽车在13个城市的公共交通部门的推广。尼桑与中国工业和信息技术部签署了一份谅解备忘录,选择位于中国中部的湖北省省会--武汉,作为第一个推广城市。

尼桑公司没有透露这个项目涉及的金融详情及将向武汉提供的车辆数量。电动汽车的初衷是因为它比普通汽车的行驶所需更经济,并且能减少二氧化碳(导致气候变化的最普遍的温室气体)的总排量。

两个中国汽车制造商--比亚迪汽车和奇瑞汽车,也一直在试图探索新能源汽车的潜在需求。

中国汽车销售量于一月份超越美国,并于三月达到一个创纪录水平。据官方数据表明,这样的增长得益于中国政府同时促进乡村和城市汽车需求的刺激机制。英国广播公司报道,日本每年在南极水域的捕鲸量已经比原目标有少量的下降,部分原因是由于反对捕鲸人士的阻挠。根据国家渔业厅的记载,679头小须鲸和1头长须鲸被6艘日本船队捕杀。而今年的目标量则分别为935头和50头.

当局说,由于天气原因以及反对者与捕渔船队的对峙,损失了16天的捕猎期。有些捕渔船在碰撞中以及被反对者--其中大部分为总部设在美国的海洋守护协会会员,所投掷的化学物品击中而被损坏。

日本在1986年同意全球暂停之后放弃商业捕鲸。可是,该国仍然打着被国际法所认可的科学研究的幌子进行捕鲸。批评家说每年捕猎鲸鱼的真正原因在于--鲸鱼肉在日本不是用来研究学习而是为了消费。那些鲸鱼肉能在全国的超市以及饭店中找到。

很多日本人把捕鲸业视为一项该珍视的文化传统,但是鲸鱼肉的消费现在已经下降了。

Tuesday, September 4, 2018

世界银行:尼泊尔筑坝不会阻止印度洪水

几十年来,印度的规划者们一直在努力驾驭恒河及其支流中奔腾的河水。他们认为,在尼泊尔境内修建大坝可以使几乎每年都会遭受洪水侵袭免受洪水的困扰。然而,近期由世界银行组织的一项全面的研海洋局,十多家律师机构表示愿意协助起诉美国石油公司康菲造成的渤海湾环境危害。国家海洋局指出康菲石油公司的两个钻井平台已经对渤海湾的海洋生态系统造成了污染。

另据报道,康菲中国已经重新启动了一些在七月份被勒令关闭的油井。蓬莱19-3号油井从六月份开始泄漏,对3400平方公里的海面成了污染殃及河北和辽宁的海滩。康菲已经被责令在八月底前封堵泄漏并清理海底油基泥浆。

援引中国媒体,一位中国律师贾方义已经提起了对康菲石油和中海油的诉讼申请。据京华时报报,除了要求其立刻封堵泄漏和对污染进行清理之外,他还敦促两家公司成立一个100亿人民币(16 亿美元)的基金用以支付损害赔偿及恢复生态系统。

援引官方媒体报道,迫于大规模的公众抗议,大连下令关闭一了家石油化工厂。因担心有毒物质泄露,数千当地居民进行了抗议并要求工厂迁址。8月13号大连作出了关闭此工厂的决定。

另报道,被暴风雨冲垮的防波堤使工厂附近的居民担心工厂生产的二甲苯(PX)可能泄漏。防波堤后被修复,工厂没有发生泄漏。 PX用于纺织面料生产,有剧毒。

据》报道,中国国家环保总局派调查组赴云南调查珠江源头南盘江和水库的污染情况。造成污染的陆良化工厂已被停业,其非法倾倒的废料在6月份被雨水冲刷入当地的水源。另据《报道,两名货车司机已被逮捕。

据《报道,中国将加强其在日本的福岛核电厂附近东海海域的放射性物质的监测。科学家们希望能预测核电站排放出的铯和锶将对海洋环境和海产品安全造成何种影响。

道,江西南昌抚河出现大规模的鱼类死亡现象,原因归咎于两个建设桥梁时临时搭建的拦河坝。水温上升和淤积的河水造成鱼类死亡。

来自中外对话援引国家海洋局,十多家律师机构表示愿意协助起诉美国石油公司康菲造成的渤海湾环境危害。国家海洋局指出康菲石油公司的两个钻井平台已经对渤海湾的海洋生态系统造成了污染。

另据道,康菲中国已经重新启动了一些在七月份被勒令关闭的油井。蓬莱19-3号油井从六月份开始泄漏,对3400平方公里的海面成了污染殃及河北和辽宁的海滩。康菲已经被责令在八月底前封堵泄漏并清理海底油基泥浆。

引中国媒体,一位中国律师贾方义已经提起了对康菲石油和中海油的诉讼申请。据京华时报报,除了要求其立刻封堵泄漏和对污染进行清理之外,他还敦促两家公司成立一个100亿人民币(16 亿美元)的基金用以支付损害赔偿及恢复生态系统。

援引官方媒体报道,迫于大规模的公众抗议,大连下令关闭一了家石油化工厂。因担心有毒物质泄露,数千当地居民进行了抗议并要求工厂迁址。8月13号大连作出了关闭此工厂的决定。

另据报道,被暴风雨冲垮的防波堤使工厂附近的居民担心工厂生产的二甲苯(PX)可能泄漏。防波堤后被修复,工厂没有发生泄漏。 PX用于纺织面料生产,有剧毒。

据《中国日报》报道,中国国家环保总局派调查组赴云南调查珠江源头南盘江和水库的污染情况。造成污染的陆良化工厂已被停业,其非法倾倒的废料在6月份被雨水冲刷入当地的水源。另据《中国日报》报道,两名货车司机已被逮捕。

据《中国日报》报道,中国将加强其在日本的福岛核电厂附近东海海域的放射性物质的监测。科学家们希望能预测核电站排放出的铯和锶将对海洋环境和海产品安全造成何种影响。

财经网报道,江西南昌抚河出现大规模的鱼类死亡现象,原因归咎于两个建设桥梁时临时搭建的拦河坝。水温上升和淤积的河水造成鱼类死亡。究却显示,这种看法不过是一个神话而已。

Thursday, August 30, 2018

इस राज्य में सर्पदंश से खौफ में सरकार, करा रही है 'सर्प यज्ञ'

उत्तर हो या दक्षिण, देश के तमाम हिस्सों में बाढ़ का कहर है. लेकिन आंध्र प्रदेश की नायडू सरकार बाढ़ के बाद निकल आए सांपों से काफी परेशान है. इसीलिए बड़े पैमाने पर 'सर्प यज्ञ' कराने का ऐलान किया गया है. (प्रतीकात्मक फोटो-  कृष्णा जिले में 144 लोग सर्प दंश के शिकार हुए हैं. सैलाब में आए विषैले सांप घरों में कहीं भी ठौर बना ले रहे हैं. जरा सी चूक पर लोगों को डस लेते हैं.)
आंध्र प्रदेश की नायडू सरकार विषधरों से इस कदर परेशान है कि अंधविश्वास की जद में चली गई है. हालांकि, सरकार अस्पतालों में A डोज के साथ होम्योपैथ की दवाएं भी मुहैया करा रही है. साथ ही सर्प दंश के शिकार लोगों के लिए 2000 रुपये आर्थिक सहयोग का भी एलान किया है. (प्रतीकात्मक फोटो- Getty Images)विजयवाड़ा से 70 किलोमीटर दूर मोपी देवी मंदिर में सर्प यज्ञ आयोजित किया गया है. राहु केतू दोष दूर करने की पहचान रखने वाले इस मंदिर में 15 पुजारी सरकारी 'सर्प दोष' यज्ञ कराएंगे. आंध्र प्रदेश में बारिश और बाढ़ के बाद सर्पदंश की घटनाओं में बेतहाशा इजाफा हुआ है. खासकर कृष्णा जिले में. अस्पताल में काफी संख्या में सर्पदंश के शिकार मरीज भर्ती हैं. (प्रतीकात्मक फोटो-  s)
अवनिगड्डा और गन्नवारम में तो दो लोगों की सर्पदंश से मौत भी हो चुकी है. लेकिन ज्यादातर लोगों को डॉक्टरों ने इलाज कर बचा लिया. हालत तो ये है कि एक दिन में एक डॉक्टर ने सर्प दंश के शिकार 22 लोगों का इलाज किया. (प्रतीकात्मक फोटो-  लीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन फिर से 'कौन बनेगा करोड़पति' के साथ घर-घर दस्तक देने जा रहे हैं. शो का 10वां सीजन शुरू होने वाला है. अमिताभ बच्चन का यह शो काफी लम्बा सफर तय कर चुका है और आज भी ये दर्शकों के बीच में लोकप्रिय है. अमिताभ बच्चन आज भी जिस तरह से प्रतियोगियों से सवाल पूछते हैं, वो दर्शकों को खूब भाता है. कौन बनेगा करोड़पति सीजन 10 के लिए अमिताभ बच्चन मीडिया से मुखातिब हुए थे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के कई सारे सवालों के जवाब दिए. एक पत्रकार ने अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या आप शो में प्रतियोगी बनना चाहेंगे, तो उन्होंने इसपर कहा- ''अगर मैं शो में प्रतियोगी की तरह आऊंगा तो हार जाऊंगा. मैं 2-3 सवालों से ज्यादा के जवाब नहीं दे सकता.''
कुछ समय पहले सलमान खान ने 'कौन बनेगा करोड़पति' को होस्ट करने की इच्छा जताई थी, जिस पर उन्होंने कहा- ''अगर वो ऐसा करना चाहते हैं तो उनका बहुत-बहुत स्वागत है. मैं खुद उन्हें शो को होस्ट करने के लिए अमंत्रित करता हूं.''
अमिताभ बच्चन और सलमान खान दोनों ही मौजूदा दौर में फिल्म इंडस्ट्री को अपने-अपने अंदाज में लीड कर रहे हैं. दोनों साथ में बागवान, बाबुल और गॉड तुस्सी ग्रेट हो जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं.
अमिताभ बच्चन का कौन बनेगा करोड़पति सीजन 10, 3 सितंबर से टीवी पर प्रसारित होगा. इस शो के पिछले सीजनों ने अच्छा काम किया है. शो हर बार कुछ ना कुछ परिवर्तन के साथ आता है जो लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है. देखना है शो में इस बार किस किस्म के बदलाव किए जाएंगे.
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Monday, August 27, 2018

अब किस देश में तेज़ी से पांव पसार रहा है इस्लामिक स्टेट

इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने पिछले साल के अंत में सीरिया और इराक पर नियंत्रण खोने के बाद हाल के दिनों में सोमालिया में हमले बढ़ा दिए हैं.
25 जुलाई को आईएस ने दक्षिण सोमालिया के लोअर शाबेल इलाके में 14 लोगों को मारने या घायल करने का दावा किया.
बीबीसी मॉनिटरिंग ने जनवरी से जुलाई 2018 तक सोमालिया में आईएस के हमलों से जुड़े आंकड़े इकट्ठा किए जो इस देश में आईएस की गतिविधियों के बारे में अहम ट्रेंड को बताता है.
आईएस का दावा है कि ख़ुफ़िया और सुरक्षाकर्मियों पर अधिकांश हमले उसने सुनियोजित तरीके से किए हैं. कुछ हमले जो दिन के समय किए गए उन्हें फिल्माया भी गया है.
शुरू में इस समूह ने अधिकांश हमले दक्षिण-पश्चिमी शहर अफगोये में करने का दावा किया. लेकिन हाल में अधिकांश हमले राजधानी मोगादिशु के आसपास के शहरों में करने का दावा किया है.
इस रिपोर्ट में दिया गया डेटा मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम से लिया गया है जहां आईएस अपना आधिकारिक बयान जारी करता है.
इस डेटा के मुताबिक आईएस ने इस साल पहली जनवरी से 31 जुलाई तक सोमालिया में 39 हमले किये हैं.
इनमें से 27 हमले केवल तीन महीने मई, जून और जुलाई में किए. साल 2017 में आईएस ने पूरे साल के दौरान सोमालिया में 21 हमले करने के दावे किए थे. इसका मतलब है कि सोमालिया में आईएस के हमलों में वृद्धि हुई है.
आईएस ने अधिकतर घात लगाकर या गोली मारकर हत्याएं की लेकिन कुछ में इम्प्रूवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी का इस्तेमाल भी किया गया.
आईएस के निशाने पर ख़ुफ़िया अधिकारी, सोमाली पुलिस और सैन्यकर्मी रहे हैं.
सोमालिया में आईएस की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद इनके हमले अपेक्षाकृत छोटे रहे हैं.
सोमालिया में आईएस का प्रतिद्वंद्वी संगठन अल-शबाब सेना, सरकार और अफ़्रीकी सेनाओं पर अक्सर बड़े और घातक हमले करता है.
वास्तव में आज अल-शबाब की मौजूदगी सोमालिया में आईएस के विस्तार में बाधक है.
सोमालिया में आईएस चरमपंथी देश के उत्तर पूर्व में उभरने के बाद दक्षिणी हिस्से तक पहुंच गए हैं.
साथ ही राजधानी मोगादिशु के आसपास भी उनके हमलों में वृद्धि हुई है.
इस साल जिन 39 हमलों का वो दावा करते हैं, उनमें से 23 मोगादिशु में ही किए गए हैं. इनमें से कई हमले यहां के बकारा बाज़ार इलाके के आसपास किए गए जो सोमालिया के मध्य में है और यहां के सबसे व्यस्त व्यवसायिक केंद्रों में से एक माना जाता है.
मोगादिशु में आईएस के हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि मई 2018 के महीने में देखी गई है.
इस दौरान आईएस ने अफगोये में नौ हमले जबकि सोमालिया के पूर्वोत्तर में बोसासो में तीन हमले करने का दावा किया.
मोगादिशु अफगोये से बहुत दूर नहीं है. दोनों ही शहर दक्षिण सोमालिया में स्थित हैं. दोनों के बीच दूरी महज 30 किलोमीटर की है.
रिपोर्टों के मुताबिक आईएस चरमपंथियों के हमले उत्तर पूर्वी सोमालिया के पंटलैंड से दक्षिणी हिस्से में किए गए थे.
जनवरी से जुलाई के बीच सोमालिया में आईएस के हमलों की जानकारी इस समूह की स्वघोषित 'न्यूज़ एजेंसी' अमाक़ ने दी.
अमाक़ की रिपोर्ट, भाषाई स्तर पर आईएस के बयानों से मेल नहीं खाती. अमाक़ ने कुछ हद तक मुख्यधारा की मीडिया शैली की नकल की है. आईएस के खास सिद्धांतों जैसे कि धार्मिक संदर्भ, जीत की गाथा, विरोधी समूहों के लिए अपमानजनक शब्द उनकी रिपोर्ट्स में नहीं होते.
अमाक़ की अधिकतर रिपोर्ट में हमले या उसके बाद की तस्वीरें या वीडियो होते हैं.
इनमें से कई में ये लगता है कि इनकी शूटिंग बहुत पास से की गई है. इन्हें अक्सर दिन के उजाले और खुले सार्वजनिक इलाकों में लोगों के साथ फ़िल्माया गया है.
इसी साल 19 जुलाई को अमाक़ के एक वीडियो में सिनाए जंक्शन इलाके में एक आदमी सोमालियाई ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी को बेहद नज़दीक से गोली मारता दिख रहा है. सड़क किनारे बैठे व्यापारियों को देखकर ये इलाका घनी आबादी वाला मालूम पड़ता है.
29 जून का एक और वीडियो है जिसमें दोपहर के वक्त सादे कपड़े पहने एक आदमी बहुत नज़दीक से दो लोगों को गोली मारता है. इस हमले को लेकर आईएस ने दावा किया कि उसने मोगादिशु के बाज़ार में सोमालियाई सरकार के दो वित्तीय अधिकारियों को मार गिराया है.
7 मई के वीडियो में सादे कपड़े में एक आदमी माइक्रोबस में एक व्यक्ति को मारता हुआ दिख रहा है. मारे गए व्यक्ति को सोमालिया के ख़ुफ़िया विभाग से जुड़ा बताया गया.
अधिकतर हमले या तो पीछे से फ़िल्माए गए या कुछ दूरी से.
अमाक़ के वीडियो छोटे और बिना एडिट किए होते थे. आईएस ने अब तक सोमालिया को समर्पित एक ही प्रौपेगैंडा वीडियो बनाया. दिसंबर 2017 के इस वीडियो में क्रिसमस और नए साल के दौरान 'वेस्टर्न टारगेट' के ख़िलाफ़ हमले के लिए उकसाया गया है.
आईएस के हमलों की जानकारी सोमालिया में आईएस के क्षेत्रीय मीडिया दफ़्तर के बजाय अमाक़ के जरिए ही आ रही हैं.
अपने क्षेत्रीय मीडिया दफ़्तर से यह समूह खास तरह के बयान जारी करता है. हमले की स्थिति में इसे महत्वपूर्ण माना जा सकता है.
अमाक़ की रिपोर्ट में 'विलायाह' (इलाका) का इस्तेमाल नहीं किया जाता जबकि क्षेत्रीय बयान में इसका इस्तेमाल होता है.
आईएस साल 2015 के आखिर से सोमालिया में अपनी उपस्थिति का दावा करता रहा है. इसमें शामिल अधिकतर लोग प्रतिद्वंद्वी अल-शबाब से लाए गए हैं.
वैसे 'सोमालिया का विलायाह' मुहावरे का आईएस की इक्का दुक्का मीडिया रिपोर्ट में ज़िक्र किया गया है. हालांकि इसका इस्तेमाल संयोगवश दिखता है ना कि औपचारिक तौर पर.
'सोमालिया का विलायाह' का ज़िक्र इसी समूह के अरबी के एक साप्ताहिक समाचारपत्र में जुलाई 2018 में मिलता है जबकि दूसरी बार सोमालिया का संदर्भ विलायाह के बगैर भी दिया गया.
साल 2015 के बाद आईएस ने अपने क्षेत्रीय संगठन के संदर्भ में विलायाह शब्द का ज़िक्र करने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी.
अलग-अलग रिपोर्ट से ये संकेत मिलते हैं कि सोमालिया में आईएस के कई वफादार अल-शबाब के सदस्य थे.
अल-शबाब छोड़ने वालों ने बाद में महाद मोअलिम को मुमिन का डिप्टी कमांडर चुन लिया.
हालांकि अल-शबाब के प्रभाव को देखते हुए यह कहना मुश्किल नहीं है कि मुमिन को लड़ाके भर्ती करने और सोमालिया में अपनी मज़बूत उपस्थिति बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
कुछ वैसा ही जैसा उसे यमन जैसे अन्य देशों में करना पड़ा था, जहां पहले से मौजूद अल-कायदा की उपस्थिति की वजह से ये समूह घुसपैठ करने में नाकाम रहा था.
मुमिन आखिरी बार आईएस के प्रचार में अप्रैल 2016 में एक वीडियो में देखे गए थे, जिसमें सोमालिया में इस समूह के पहले प्रशिक्षण शिविर को दिखाया गया था. अगस्त 2016 में उन्हें अमरीका की जारी आतंकियों की सूची में शामिल किया गया.
अमरीकी सरकार का मानना है कि सोमालिया के आईएस लड़ाके यमन से हथियार लेते हैं.
इस साल सोमालिया में आईएस की बढ़ती गतिविधियों के बावजूद इसका यहां अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी अल-शबाब से कम प्रभाव है.
जुलाई 2018 में अपने साप्ताहिक समाचारपत्र अल-नाबा के एक लेख में समूह ने लिखा कि कैसे सोमालिया में आईएस समर्थकों को मार डाला गया या 'यहूदी जिहादियों' ने अगवा कर लिया. आईएस की ओर से इस लफ़्ज़ का इस्तेमाल अल-क़ायदा के लिए किया जाता था.
अल-शबाब ने देश में आईएस चरमपंथियों का खुलेआम सफ़ाया किया है, यहां तक कि अपने उन सदस्यों का भी जो आईएस में शामिल होना चाहते थे या उनके प्रति झुकाव रखते थे.